Home Current Affairs उत्तरी ध्रुव के ऊपर ओज़ोन परत में सबसे बड़ा छेद बंद हुआ

उत्तरी ध्रुव के ऊपर ओज़ोन परत में सबसे बड़ा छेद बंद हुआ

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उत्तरी ध्रुव के ऊपर ओज़ोन परत में सबसे बड़ा छेद बंद हुआ

23 अप्रैल को कोपरनिकस एटमॉस्फ़ेयर मॉनिटरिंग सर्विस (CAMS) के वैज्ञानिकों ने जानकारी दी कि इस साल यानी 2020 के मार्च में उत्तरी गोलार्ध में ओज़ोनपरत में जो अभूतपूर्व दिखा था वह बंद हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये सफलता अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सहमत हुई नीतियों और गतिविधियों की बदौलत सम्भव हो सकी है। इनमें मॉट्रियाल प्रोटोकोल भी एक बड़ी कामयाबी थी जो क़रीब 31 वर्ष पहले वजूद में आया था।

उस समय किए गए अध्ययनों से पता चला था Chlorofluorocarbons (CFCs) और कुछ अन्य तत्व और पदार्थ ओज़ोन परत में छेद बनाने में सक्षम हो रहे थे। ये पदार्थ एयरोसोल्स, रेफ्रिजरेशन सिस्टम और मौहाल को ठंडा रखने लिए चलने वाली मशीनों में भारी मात्रा में पाया जाता है।

ओज़ोन परत

ओज़ोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की एक परत जिसमें ओजोन गैस की सघनता अपेक्षाकत अधिक होती है। ओज़ोन परत के कारण ही धरती पर जीवन संभव है। यह परत सूर्य के उच्च आवृत्ति के पराबैंगनी प्रकाश की 93-99% मात्रा अवशोषित कर लेती है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिये हानिकारक है। पृथ्वी के वायुमंडल का 91% से अधिक ओज़ोन यहां
मौजूद है।

यह मुख्यत: स्ट्रैटोस्फियर के निचले भाग में पृथ्वी की सतह के ऊपर लगभग 10 किमी से 50 किमी की दूरी तक स्थित है, यद्यपि इसकी मोटाई मौसम और भौगोलिक दृष्टि से बदलती रहती है।

‘पोलर वोर्टेक्स’ अवधारणा

(‘Polar vortex’ concept)

CAMS ने कहा कि लगातार बढ़ता हुआ छेद ऑकर्टिक के ऊपर असामान्य मौसम का नतीजा था। जब तेज हवाएं बर्फीली चोटियों के ऊपर की जमा देने वाली हवाओं में लगातार कई दिनों तक फंसती रहती हैं तो वैज्ञानिकों की शब्दावली में एक ‘पोलर वोर्टेक्स’ बनाती हैं।

यह मज़बूत दबाव अपने ही चारों ओर घूमती है। इससे इतनी ताक़त पैदा होती है कि वह समताप मंडल की ओज़ोन में छेद कर डालती है। हालांकि अब यह छेद बंद हो गया है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम इसके अनुकूल हुआ तो यह फिर खुल सकता है।

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